पहले अच्छे से पढ़े औऱ समझें, फ़िर अपने ख़यालात का इज़हार करें।

नुह/हरियाणा

#अल्ताफ_आली_मेव का मेवात की 36 बिरादरी के  #सदर_चौधरी जाकिर हुसैन  के नाम #खत 

पहले अच्छे से पढ़े औऱ समझें, फ़िर अपने ख़यालात का इज़हार करें।

मोहतरम ज़नाब चौधरी ज़ाकिर हुसैन साहब जैसा की आपको मालूम है ,अभी कुछ रोज़ पहले मेवात के दो बच्चों को ज़िंदा जला दिया गया, उससे पहले भी मेवात के कई लोगों की जाने गई हैं, मेवात इस वक़्त बहुत ही मायूसी के दौर से गुज़र रही हैं, मेवात की आवाम इस वक़्त एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है ,जहाँ लाचारी, मायूसी,

बेबशी, बेसहारा दिखाई दे रही है, जहां पर आपके बच्चें ज़िंदा जला दिए गए औऱ इंसाफ़ की कोई उम्मीद दूर तक ना दिखाई दे रही हो ,जहाँ लोग ये सोचने पर मजबूर हो गए हो की बच्चो को मेवात से बाहर ना भेजा जाए, औऱ भी कई सारे मसाइल हैं जिनका जिक्र यहाँ ठीक नहीं है।



लिहाजा आपसे एक उम्मीद हैं क्योंकि आप हमारे सदर हैं,आपकी जुम्मेदारी भी बनती हैं, आपसे कहना हमारा हक़ हैं इस मायूसी औऱ बेबसी के वक़्त आप एक अभी तत्काल पूरे मेवात की महापंचायत बुलाए। आप एक ऐसी कोम के सदर हैं जो इस देश के 100 जिलों मैं बस्ती हैं। ख़ुद की ताक़त को पहचाने, इतनी बड़ी आबादी के बच्चों को जिंदा जलाया जा रहा है?? जिनका इस देश की आज़ादी मैं बड़ा किरदार रहा है ।। 



जिसमें सभी नेता हो,किसी भी पार्टी का हो ,सभी आलिम हो, सभी सामाजिक कार्यकर्ता हो , कोम के दानिशमंद हो सभी जाती सभी बिरादरियों के जुम्मेदार हो 

उस पंचायत के द्वारा एक मैसेज दे की ये कोम बग़ैर रहबर के नहीं हैं जो चाहे मेरी कोम के बच्चों को कोई ज़िंदा जला दे, या मार दे सभी मसलो पर बात हो ताकि इस मेवात की ताकत का पता चले,जुनैद नासिर, वारिस, पहलू, हाफ़िज़ जुनैद, उमर, रकबर आदि के परिवारो को इंसाफ की एक उम्मीद दिखाई दे। 



आने वाला वक़्त आप अच्छी तरहा जानते हैं, बहुत नाजुक हैं,आप सदर होकर इस कोम को बेसहारा ना छोड़े,यक़ीन मानिए ,आपका ये क़दम इस कोम को एक नई ताक़त, हिम्मत, जुनून, एक नया जोश, नया रास्ता देगा। सर् कुछ तो अलग करना होगा ,इस तरहा तमाशा तो बिल्कुल नहीं देख सकते !

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