'मुस्लिम मतों के दम पर सत्तासीन होते ही सबसे पहले मुसलमानों को भूल जाती है कांग्रेस-कांग्रेस नेता बाबू भाई फीजवाला
इमरान प्रतापगढ़ी की उपेक्षा पर जम कर बरसे बाबूभाई फ्रीजवाला,

कांग्रेस पर दोगलेपन के आरोप लगाए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बाबूभाई फीजवाला

जयपुर

शत प्रतिशत मुस्लिम मतों के दम पर सत्ता में आने वाली कांग्रेस सत्ता पर आसीन होते ही सबसे पहले मुसलमानों को भूलते हुए उन की उपेक्षा शुरू कर देती है। कांग्रेस की नीति और रीति में बहुत फर्क आ गया है। इसी तरह कथनी और करनी में भी बहुत अंतर है। चुनाव से पहले मुसलमानों को गले लगाकर अपना सबसे बड़ा हमदर्द बताने वाली कांग्रेस सत्ता में आते ही सबसे पहले उनकी उपेक्षा करना शुरू कर देती है। यह गंभीर आरोप लगाए हैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व समाजसेवी बाबू भाई फीजवाला ने कांग्रेस के मुख्य घटकों में से एक



महानगरों के चार बोडों में महापौर पद पर किसी मुसलमान को महापौर नहीं बनाने पर नाराजगी जताते हुए बाबू भाई फीजवाला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था जो अब तक मंजूर नहीं हुआ है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बाबूभाई ने कहा कि जब भी जरूरत पड़ती है मुसलमान अपने खून से खींचकर कांग्रेस को बचाते हैं लेकिन कांग्रेस के सत्ता में आते ही सबसे पहले उपेक्षा मुसलमानों की ही होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वर्तमान में कांग्रेस के नो विधायक विधानसभा में है। गहलोत को इन सभी विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करके एक उदाहरण पेश करना चाहिए ताकि मुसलमानों में अच्छा संदेश जाए लेकिन वर्तमान सरकार सिर्फ एक मुस्लिम विधायक को मंत्री बनाया है वह भी ऐसे विभाग का जो नाम मात्र का है। उन्होंने मुस्लिम विधायकों को दमदार विभागों के मंत्री बनाने की पुरजोर मांग की

मजदूर कांग्रेस इंटक के राष्ट्रीय महासचिव बाबु भाई ने ये बातें अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी के मौजूदा दौरे के मद्देनजर कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के किसी भी अग्रिम संगठन का कोई भी राष्ट्रीय स्तर का नेता जब दौरे पर आता है तो कांग्रेस के सभी पदाधिकारी, सांसद विधायक आदि उसके स्वागत के लिए जाते हैं लेकिन इमरान प्रतापगढ़ी के दौरे के दौरान ऐसा देखने को नही 

मिला। ऐसा लग रहा है जैसे इमरान प्रतापगढ़ी कांग्रेश के नहीं बल्कि सिर्फ अल्पसंख्यकों के नेता है। उनके स्वागत के लिए सिर्फ अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे जबकि स्वयं मुख्यमंत्री को उन के स्वागत के लिए जाना चाहिए था। साथ ही सत्तारूढ़ कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों को भी इमरान प्रतापगढ़ी के स्वागत के लिए जाना चाहिए था। गौरतलब है कि इससे पूर्व राज्य के जयपुर और जोधपुर

YOUR REACTION?