लखनऊ से आतंकवाद के नाम पर गिरफ्तार मुस्तकीम के परिजनों से मुलाकात की गई
प्रतिनिधि मंडल में मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदीप पाण्डेय, रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब और रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव शामिल रहे

लखनऊ


मुस्तकीम की विकलांग पत्नी नसीमा और उनके बच्चे इस सदमे से उबर नहीं पा रहे. वे यही कहते रहे कि मुस्तकीम का मोबाइल और आईडी देने के नाम पर थाने वालों ने बुलाया और तब से उनका कोई पता नहीं. 



मूल रूप से मुज़फ्फरनगर के रहने वाले मुस्तकीम का परिवार लखनऊ के तकीयाशाह तारनशाह मदेयगंज में रहता है. 6 बेटियां और एक बेटा है. घर में मुस्तकीम के 75 वर्षीय पिता मोहम्मद सईद से मुलाक़ात हुई. वे बताते हैं कि 50 साल से लखनऊ में हैं. यहां से बॉसमण्डी तक उनके बारे में पता लगा सकते हैं.



मुसिरुद्दीन के भाई का घर मुस्तकीम बनवा रहे थे. मुस्तकीम घर बनवाने का काम करते थे. वहीं पुलिस ने उनसे पूछताछ की. मुसिरुद्दीन के भाई का घर बनाना ही उसका जुर्म हो गया. न वो वहां जाते न पुलिस पकड़ती ऐसा परिवार वाले मानते हैं.



परिवार वालों का हाल बेहाल है. पुलिस ने घर के दोनों मोबाइल जब्त कर लिए हैं ऐसे में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं हो पा रही. घर में मुस्तकीम ही अकेले कमाने वाले थे. पुलिस के दबाव में मकान मालिक घर खाली करने को कह रहे हैं. 



रिहाई मंच इन सवालों को लेकर हाल में लखनऊ से गिरफ्तार किए गए लोगों के परिजनों के साथ 22 जुलाई 2021 को दोपहर 3 बजे से यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में प्रेस वार्ता करेगा. सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) द्वारा जांच रिपोर्ट जारी की जाएगी.

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